02 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरू, उससे पहले जानें वास्तु नियमों के अनुसार कैसे करें देवी दुर्गा की उपासना

कलश स्थापना की सही जगह

ईशान कोण यानि कि उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ माना गया है कलश की स्थापना इसी दिशा में करनी चाहिए।

दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से आराधक को मानसिक शांति अनुभव होती है।

इस दिशा में मुख रखते हुए करें देवी उपासना

दीपक की दिशा

अखंड दीप को पूजा स्थल के आग्नेय यानि दक्षिण-पूर्व में रखना शुभ होता है

पूजन सामग्री का महत्व

पूजा सामग्री पूजन स्थल के आग्नेय कोण में ही रखी जानी चाहिए।

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