HEALTH
By FirstBharat
किशोरावस्था उम्र का वह पडाव है, जिसमें इंसान को खुद से सबसे अधिक अपेक्षाएं होती है। किशोरावस्था में खुश रहने के कुछ सूत्र यहां बताए जा रहे है। ये टिप्स करेगे मदद —
भेड चाल से बचें। झुंड में चलने में कोई समझदारी नहीं है। जानिए, आपकी पहचान कैसे अलग बन सकती है।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हो, जो आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालती हो।
गलतियां करने से न डरें। सीखे और खुद को सुघारते रहें। खुले विचारों वाले रहे। सीखने के लिए तैयार रहे। इतने पढाकू भी न बनें कि आस—पास की दुनिया की सुंदरता ही न देख पाएं।
साथियों की सलाहों पर बहुत अधिक गौर न करें। इसके बजाय माता—पिता की बात सुनें, भले ही वे परेशान करने वाली लगें। जब दूसरे आपको उकसा रहे हो तो अपना आपा न खोए।
अपना पैसा उन चीजों पर खर्च न करें, जिनकी आपको जरूरत नहीं है। आपके पास जो है उसमें खुश रहना सीखे। पता करें कि आपकी रूचि किसमें है और अपने कौशल को सुधारने में समय बिताएं।
भावनाओं और हार्मोन को अपने ऊपर हावी न होने दे। आप जैसे है, वैसे ही खुद को स्वीकार करें। खुश रहने के जरूरी है कि आप खुद पर किसी धारणा को हावी न होने दे।