LIFESTYLE
FIrst Bharat
May 28, 2022
भारतीय रेलवे ने अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के प्रोडक्शन का लक्ष्य रखा है। इसके तहत जल्द ही देश में 2 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें रेल पटरियों पर दौड़ती नजर आएंगी।
रेलवे के मुताबिक 115 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रत्येक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में किया जाएगा।
भारतीय रेलवे 2 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण इस साल 15 अगस्त से पहले कर लेगा और परीक्षण के लिए इन ट्रेनों को पटरियों पर उतारा जाएगा। हम आपको बताते है वंदे भारत की फीचर्स के बारे में।
वंदे भारत ट्रेन की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा है। इस ट्रेन के नए कोच पहले के मुकाबले हाईटेक टेक्नोलॉजी से लैस होंगे। यात्रियों के लिए पहले से ज्यादा आरामदायक सीटें दी जाएंगी।
किसी इमरजेंसी में यात्री लोको पायलट से डायरेक्ट बात कर सकेंगे। इसकी सुविधा ट्रेन के हर कोच के अंदर रहेगी। सुरक्षा उपायों में प्रति कोच चार आपातकालीन खिड़कियां होंगी।
नई वंदे भारत ट्रेनों में एसी-1, एसी-2 और एसी-3 स्लीपर कोच मौजूद होंगे। वर्तमान में जो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, उनमें केवल सीटिंग फैसेलिटी उपलब्ध है।
फिलहाल भारतीय रेल दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रहा है। एक ट्रेन दिल्ली से कटरा के बीच, दूसरी ट्रेन दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई जा रही है।
नई वंदे भारत ट्रेनों में जीपीएस आधारित प्रणाली भी रहेगी। जिससे रनिंग स्टेटस पता चल सकेगा। यह ट्रेन मेंक इन इंडिया के तहत बनाई जा रही है। इन ट्रेनों में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' भी रहेगा।
नई वंदे भारत ट्रेनों में स्वचालित मुख्य द्वार होगा। जिसका नियंत्रण लोको पायलट के पास होगा। इसमें डोर सेंसर जो अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे। लगेज के लिए अधिक स्पेस होगा।