राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन ने अपने डेब्यू IPL मैच के आखिरी ओवर में जिस सूझबूझ के साथ गेंदबाजी की, उसकी जमकर तारीफ हो रही है।
25 साल के इस गेंदबाज आखिरी 6 गेंदों पर सिर्फ 11 रन दिए और अपनी टीम को 3 रन से रोमांचक जीत दिला दी।
कुलदीप सेन मध्यप्रदेश के रीवा जिले के हरिहरपुर गांव से आते हैं। उनके पिता रामपाल सेन की शहर के सिरमौर चौराहे पर एक छोटा हेयर सैलून की दुकान है। तीन भाइयों में कुलदीप सबसे बड़े हैं।
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन ने क्रिकेट की शुरुआत विंध्य क्रिकेट अकादमी (VCA) क्लब से एक दशक पहले शुरू की थी। इस अकादमी ने कुलदीप की फीस माफ कर दी थी।
साल 2018 में कुलदीप सेन ने मध्यप्रदेश की ओर से रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। उन्होंने पंजाब के खिलाफ एक पारी में 5 विकेट चटकाए थे। कुलदीप ने डेब्यू सीजन का अंत कुल 25 विकेट के साथ किया था।
कुलदीप आउटस्विंगर बहुत अच्छी तरह से डालते हैं। वह बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। निचले क्रम में उतरकर वह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने के साथ साथ लंबे लंबे छक्के लगाने में भी माहिर हैं।
रीवा जिले का यह होनहार गेंदबाज लगातर 135 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने की काबिलियत रखता है। उनको इन स्विंग और आउट स्विंग दोनों में महारत हासिल है।
कुलदीप सेन ने रणजी ट्रॉफी के 14 मुकाबलों में अभी तक कुल 43 विकेट चटकाए हैं। कुलदीप की बेहरीन गेंदबाजी के दम पर राजस्थान ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर अंक तालिक में शीर्ष स्थान हासिल किया।