Property
By FIRST BHARAT
अलग—अलग जरूरत के हिसाब से मकान या फ्लैट खरीदना भी फायदेमंद होता है और प्लॉट भी। आइए जानते है कि इनमें आपके लिए क्या बेहतर है?
भारतीय रियल एस्टेट में हाउसिंग रिटेल सेक्टर को दो हिस्सों में बॉटा जा सकता है। फ्लैट या मकान और प्लॉट।
यदि आपको रिटर्न के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना है। आप खुद रहना चाहते है या फिर किराए पर देकर फौरन नियमित आय चाहते है तो मकान या फ्लैट फायदेमंद है।
फ्लैट पर बैक लोन लेना बहुत आसान है। होम लोन लेकर फ्लैट या मकान खरीदने पर ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स लाभ भी ले सकते है।
प्रिंसिपल अमाउंट के रीपेमेंट पर भी 1 लाख रुपए तक की छूट मिलती है। अनिवासी भारतीयों को भारत में ली हुई प्रॉपर्टी के लिए इंडेक्सेशन लाभ मिलता है।
सही लोकेशन पर और सही तरीके से मेंटेन किए गए फ्लैट पर सालाना 2% एप्रिंसिएशन भी मिल सकता है।
जो निवेश पर रिटर्न के लिए कुछ समय इंतजार कर सकते है या जिन्हें खुद रहने के लिए तुरंत मकान की जरूरत नहीं है। उनके लिए प्लॉट फायदे को सौदा है।
प्लॉट के लिए सक्रिय प्रबंधन या रखरखाव की जरूरत नहीं होती। बढते बाजार में प्लॉट अच्छा प्रदर्शन करता है क्योंकि कंस्ट्रक्शन में ग्रोथ के लिए जमीन की जरूरत होती है।
प्लॉट में निवेशक एक छोटी राशि का कर निवेश कर सकते है। आरईए इंडिया के अनुसार 2015 से देश के आठ प्रमुख शहरों में रेसिडेंशियल प्लॉट के दाम सालान 7% की दर से बढे है।