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स्पेस में जाने वाली तीसरी भारतीय महिला सिरिशा बांदला की करियर जर्नी

By First Bharat

भारत के आंध्र प्रदेश की रहने वाली सिरिशा बांदला एरोनॉटिकल इंजीनियर और कॉमर्शियल एस्ट्रोनॉट हैं। सिरिशा बांदला भारतीय मूल की तीसरी महिला एस्ट्रोनॉट हैं।

सिरिशा बांदला वर्तमान में रिचर्ड ब्रैनसन की स्पेस कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक की वाइस-प्रेसिडेंट हैं। वह हाल ही में भारत आई थीं और आंध्र प्रदेश में अपनी जन्मभूमि का दौरा किया था।

सिरिशा बांदला का जन्म आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के चिराला शहर में हुआ। जब वह पांच साल की थीं तो उनके माता-पिता अमेरिका चले गए।

एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनने की प्रेरणा के बारे में सिरिशा कहती हैं कि बचपन में भारत में रहते हुए जब रात में लाइट कट जाती थी तो वह तारों को देखा करती थीं।

सिरिशा बांदला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की चौथी एस्ट्रोनॉट हैं। इनसे पहले राकेश शर्मा, कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष की यात्रा की है।

सिरिशा बांदला ने पर्ड्यू विश्वविद्यालय से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई की है।

सिरिशा बांदला के पिता का नाम डॉ मुरलीधर बांदला है और माता का नाम अनुराधा बांदला है। सिरिशा के भाई का नाम गणेश बांदला और दादा का नाम बांदला रगहिया है।

सिरिशा ने साल 2015 में वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी में काम करना शुरू किया। उन्होंने हाल ही में एक 747 विमान का उपयोग करके अंतरिक्ष में एक उपग्रह को भी पहुंचाया था।

सिरिशा टेक्सस में एक एयरोस्पेस इंजीनियर के रूप में भी काम कर चुकी हैं। सिरिशा कमर्शियल स्पेस फ्लाइट फेडरेशन (CSF) में एसोसिएट डायरेक्टर रह चुकी है।

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