HEALTH TIPS
By First Bharat
नई माताओं को नवजात शिशु को नहलाना संभवतः सबसे मुश्किल टास्क लगता हैं, क्योंकि वे नाजुक होते है। उन्हें नहलातें समय सावधानी जरूरी है।
नवजात को कभी भी खुले स्थान पर नहीं नहलाना चाहिए। हवा से भी नवजात को ठंडक लग सकती है। इसलिए जंहा तक हो शिशु को बाॅथरूम में नहलाएं।
नवजात शिशु को बाथ टब में न नहलाएं। जब शिशु बैठने की स्थिति में आ जाता है, तब चाहें तो आप उसे बाथ टब में नहला सकती है।
अक्सर गर्मी के दिनों में माँ ठंडे पानी से शिशु को नहलाने लगती है और ठंडे मौसम में गरम पानी से तो आप ऐसा बिल्कुल भी ना करें।
हमेशा शिशु के लिए नॉर्मल पानी का इस्तेमाल करें। जो ना ही ज्यादा गरम हो और ना ठंडा। हफते में दो से तीन दिन अवश्य नहलाएं।
बाथटब का इस्तेमाल बच्चे को नहलाने के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन शिशु को बाथटब में नहलाने से पहले एक तौलिया टब में बिछा दें। ताकि नहाते समय शिशु फिसले नहीं।
शिशु को नहलाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि कहीं वो भूखा तो नहीं है। दूध पिलाने के कुछ समय बाद ही नहलाये, उसे दूध पिलाने के तुरंत बाद ना नहलायें।
शिशु को साबुन से अधिक रगड़ कर ना नहलाये नहीं, तो शिशु की त्वचा रूखी हो सकती है। सप्ताह में दो से तीन दिन स्पंज बाथ या गीले कपड़े से शरीर को अवश्य पौछें।
नहलाते वक़्त अगर किसी का कॉल आ जाए या डोरबेल बज जाए, तो उसे इगनोर करने की कोशिश करें। शिशु को अकेला छोडना खतरनाक हो सकता है।