HEALTH
By First Bharat
तेज गर्मी के बीच छोटे बच्चों के आहार को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। क्योंकि गर्मी से पाचन क्रिया पर असर पडता है। हैल्दी डाइट न देने से डायरिया की आशंका बढ जाती है।
छह माह तक के बच्चों को मां के दूध के सिवाय कुछ न खिलाएं और ना पिलाएं। छ माह तक बच्चों के लिए मां का दूध गुणकारी होता है।
इन्हें मां के दूध के साथ ही चावल या दाल का पानी, सब्जियों की खिचडी, फलों का रस 10—50 एमएल, पका केला आदि खिलाएं।
इन्हें सूप, चीला, परांठा आदि के रूप में एक कटोरी दाल और दूध, दही, पनीर, चीज या इनसे बनी हेल्दी चीजें दे सकते है। इन्हें दिन में दो—तीन बार में 300—400 एमएल दूध दें।
रोज मौसम आधारित एक फल, दो सब्जी व टिक्की, कटलेट, पालक, चुकंदर का पंराठा और दो बादाम व चार किशमिश दे सकते है।
ऐसे बच्चों को सर्पूण आहार के साथ 3—4 बादाम व 5 किशमिश भी खिलाएं। रोज 400—500 एमएल दूध भी दे। रोज एक मौसमी फल भी खिलाएं।
बच्चों को गर्मी में उनकी पसंद के आधार पर नीबू पानी, छाछ, लस्सी आदि देते रहे। उन्हें नियमित अंतराल पर पानी भी पिलाते रहें।
दो साल तक के बच्चों को घी, तेल या चिकनाई, नमक और चीनी कम से कम मात्रा में देने चाहिए। साथ ही यदि आहार लेने के तुरंत बाद बच्चे को पेटदर्द, उल्टी हो तो वह आहार रिपीट न करें।